मेरी आवारगी

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मैं अपना हाल ए दिल कैसे बयां करूं
मैं हंसता रहा हड्डियां टूट जाने के बाद
एक कविता :  पिता जीवन का सबसे बड़ा संबल हैं
मैं तुम्हारी छुअन से 'सोना' होना चाहता हूँ
मैं मरते ही 'शब्द' हो जाऊंगा, तुम्हें गाँव पर लिखी किताबों में मिलूँगा...!!