मेरी आवारगी

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एक अनाम राजकुमारी की दास्तां
अब लुप्त सी होती जा रही है कोहरी
शिव ही सत्य हैं
शहर की प्यास बुझाती ज़रा सी बावड़ी
बलिहारी गुरु आपने गोविन्द दियो बताय...