मेरी आवारगी

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 अखबारी दफ़्तरो में मची गंध से पत्रकारों का सांस लेना मुश्किल है
तरुण भाई ने आत्महत्या नहीं की, उनका कत्ल हुआ है
हम नहीं कह पाएंगे वो कहानियां ?
आधुनिक नारी पुरुषों से अधिक कर्मठ हैं
साक्षात्कार कथा : भाग एक